Tuesday, September 15, 2009

सिफ़र का सफ़र




आज आपके लिए ले कर आई हूँ एक गीत. वास्तव में यह गीत, आजकल प्रत्येक शुक्रवार शाम 6:15 बजे, आकाशवाणी लखनऊ से प्रसारित हो रहे रेडियो धारावाहिक, "सिफ़र का सफ़र" का शीर्षक गीत है. यह नाट्य-धारावाहिक उन महिलाओं के जीवन की सच्ची घटनाओं पर आधारित है जिन्होने शून्य से शुरुआत कर शिखर तक पहुँचने में सफलता प्राप्त की और महिला सशक्तीकरण की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की. इस धारावाहिक को बनाने का अनुभव बहुत रोमांचकारी रहा. दुर्गम गाँवों की ऐसी-ऐसी महिलाओं से मिलने और उन्हें जानने का मौक़ा इसको बनाने के बहाने मिला, जो भले ही पढी-लिखी नही पर निसंकोच स्वीकारती हूँ कि उनकी हिम्मत और मेहनत की कहानी सुन कर कई बार मैंने अपने आपको छोटा मह्सूस किया. आपको उन महिलाओं से मिलवाऊँगी, आगे इसी ब्लॉग पर. आज प्रस्तुत है "सिफ़र का सफ़र" का शीर्षक-गीत. आपकी सुविधा के लिए गीत के साथ इसका ऑडियो भी प्रस्तुत है. इसका संगीत तैयार किया है हेम सिंह ने और गायन स्वर संगीता मिश्रा का है. पढिए, सुनिए यह गीत. कोशिश की है कि गीत के माध्यम से इन महिलाओं का जीवन अभिव्यक्त कर सकूँ. गीत आपको कैसा लगा, यह जानने का इंतज़ार रहेगा.


सिफ़र के सफ़र में, अँधेरों की स्याही
कहानी ये किसने लिखी और सुनाई ?

मगर हमने सपना अलग इक सजाया
किरनों को जोड़ा और सूरज उगाया,

सतरंगी चूनरिया पंख बने अरमान
हौसलों की हमने भरी एक उड़ान,

बूँद-बूँद रौशनी से जगमग जहान
आँगन में दुनिया आँचल में आसमान.


(गीत सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें)

16 comments:

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बूँद-बूँद रौशनी से जगमग जहान
आँगन में दुनिया आँचल में आसमान.

बहुत सुन्दर...
सही लिखा है

R S V said...

सिफर का सफ़र वास्तव में एक सराहनीय कदम
है ....
मुझे ये पंक्तियाँ काफी पसंद आयीं :
किरनों को जोड़ा और सूरज उगाया,

RAJESHWAR VASHISTHA said...

गीत सुन कर मज़ा आगया.....तुमने गीत लिखा भी बहुत बढिया और संगीता मिश्र ने गाया भी बहुत खूब ...संगीत इतना सुन्दर की रचना अंतरघट तक उतर जाती है.......तुम जिओ हज़ारों साल....

ओम आर्य said...

किरनों को जोड़ा और सूरज उगाया.....

अतिसुन्दर ...........वाह वाह वाह वाह वाह
बहुत ही सुन्दर ख्यालात है ...नतमस्तक

रवि कुमार, रावतभाटा said...

बेहद खूबसूरत गीत...

Mithilesh dubey said...

बहुत खुब। सुन्दर रचना के लिए बधाई।

usha rai said...

आँगन में दुनिया आँचल में आसमान.
bahut sunder ! ab aanchl me sara aasman simat aaya hai !
sashkt uplbdhi

Arvind Mishra said...

सुन्दर अभियान सुन्दर गीत !

हेमन्त कुमार said...

भारत के यथार्थ को सही माध्यम से अभिव्यक्त किया आपने । इन्तजार रहेगा सच से रुबरु होने का ।

Pankaj Mishra said...

बूँद-बूँद रौशनी से जगमग जहान
आँगन में दुनिया आँचल में आसमान.

बहुत सुन्दर...
सही लिखा है

दिगम्बर नासवा said...

मगर हमने सपना अलग इक सजाया
किरनों को जोड़ा और सूरज उगाया...........

bahoot hi mdhoor geet ... aasha ka deep jalaata, umange jagaata, lajawaab geet ....

sada said...

बूँद-बूँद रौशनी से जगमग जहान
आँगन में दुनिया आँचल में आसमान.

बहुत ही लाजवाब प्रस्‍तुति,बधाई ।

JHAROKHA said...

्बहुत ही खूबसूरत गीत ---उतना ही मधुर संगीत।
पूनम

सुशीला पुरी said...

कासिद बनकर आया है बादल,
कुछ पुराने रिश्ते साथ लाया है ;
आसमान से आज कई यादें बरसेंगी ..........

सुलभ सतरंगी said...

सुन्दर गीत.
Dhanyawad!!

Rakesh said...

सिफ़र के सफ़र में, अँधेरों की स्याही
कहानी ये किसने लिखी और सुनाई ?
wah meenuji
wakai acha likha hai
natak bhi aapka likhahua hai?/v natak ke nirdeshak kaun hai
mein bhi natak kerta hubicha rehtio hai koi natak ho aur jhat sedelkh aaun
acha laga aapko padhker ....

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