Thursday, November 04, 2010

आओ दिया जला दें






इस दीवाली पर दीपों के बन्दनवार सजा दें
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.


सूनी गलियाँ सूनी सडकें सूने गलियारे हैं
सूना जीवन सूनी मांगें कितने अंधियारे हैं
आओ मिल इन अंधियारों को उजियारों का पता दें
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.


सुधि की तंग सुरंगों में चलो झांक हम आएँ
भूले बिछड़े संगी साथी सबको आज बुलाएँ
एक साथ सब मिल कर खाएं लड्डू खील बताशे
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.


चौखट के दीपक से करना इतनी अरज हमारी
रौशन रखना हर देहरी को घड़ी उमर भर सारी
खुशियों की बारात सजे और छूटें खूब पटाखे
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.

31 comments:

शिवम् मिश्रा said...

मीनू दीदी ,
आपको और परिवार में सभी को दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ! !

Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर!!



सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल 'समीर'

चैतन्य शर्मा said...

कितने सुंदर चित्र....आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें...सादर

Mishra Pankaj said...

चर्चा हिन्दी चिट्ठो की तरफ़ से आप सभी को दीपावली की शुभकामनाये!- पंकज मिश्रा

Arvind Mishra said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

सुशीला पुरी said...

जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना ;अंधेरा धरा पर कहीं रह न जाये ........!!!

Salman said...

apko deewali ki hardik subhkamnayen.

आवेश said...

चौखट के दीपक से करना इतनी अरज हमारी
रौशन रखना हर देहरी को घड़ी उमर भर सारी


एक ऐसे वक्त में जब आम आदमी के जीवन से सामाजिक सरोकार ख़त्म हो रहे हों ,ये पूरी कविता दीपावली को उपभोगतावाद से निकाल कर इसके सामाजिक पहलु को सामने ला खड़ा करता है

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

खूबसूरत ख्वाहिश ...दीपावली की शुभकामनायें

Om said...

:05

:04

:03

:02

:01

(((((बूम)))))

“*”*”*”*”*”*”
*”*”शुभ”*”*
“*”दीपावली”*”
….*”*”*….

वन्दना said...

बहुत खूब्।
दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।

मनोज कुमार said...

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

BrijmohanShrivastava said...

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ

amar jeet said...

बदलते परिवेश मैं,
निरंतर ख़त्म होते नैतिक मूल्यों के बीच,
कोई तो है जो हमें जीवित रखे है,
जूझने के लिए है,
उसी प्रकाश पुंज की जीवन ज्योति,
हमारे ह्रदय मे सदैव दैदीप्यमान होती रहे,
यही शुभकामनाये!!
दीप उत्सव की बधाई...................

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर, आपको परिवार एवम स्नेहीजनों सहित दीपावली की बधाई व घणी रामराम.

रामराम

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

आदरणीया मीनू खरे जी
नमस्कार !

आपकी गीत रचना मनन को प्रेरित करती है ।

हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें
बहुत ही सुंदर और प्रेरणास्पद् …
अच्छी श्रेष्ठ रचना के लिए आभार !

आपको और परिवारजनों को
दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं !

सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान !
लक्ष्मी बरसाएं कृपा , बढ़े आपका मान !!



- राजेन्द्र स्वर्णकार

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI said...

दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं !

निर्मला कपिला said...

मीनू कल दिवाली की वजह से नही आ पाई मगर शुभकामनायें तो हमेशा के लिये होती हैं बहुत बहुत शुभकामनायें।

Anonymous said...

MEENU JI APKE DIYE SE CHARO TARAF PRAKASH FAILE.

pranjali said...

thanks for deep.

Mrs. Asha Joglekar said...

Meenu jee bahut sunder kawita men sunder sandesh bhee.
चौखट के दीपक से करना इतनी अरज हमारी
रौशन रखना हर देहरी को घड़ी उमर भर सारी
खुशियों की बारात सजे और छूटें खूब पटाखे
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.

यश(वन्त) said...

बहुत ही सुन्दर एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति !

श्री चित्रगुप्त पूजन और भाई दूज की शुभ कामनाएं!

सादर

हरकीरत ' हीर' said...

अँधेरे में उजाले का संचार करती आपकी नज़्म
सबको साथ ले आँगन का दीप जलाती....
हर देहरी को उम्र दे जाती है....

मीनू जी आपको याद ही किया था के आप आ गईं .... !!

mridula pradhan said...

bahut sundar likhi hain.

deepakchaubey said...

बहुत ही सुन्दर एवं भावपूर्ण अभिव्यक्ति !
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

Vijai Mathur said...

Aapne Swami Vivekanandji ke aadarshon per sabon ke liye Deepotsav ki khushyian mangee isi prakar sabhee soch len to zarur safalta milegee.

JHAROKHA said...

meenu ji deepparv par hardik shubh-kamna.
is avsar par likhi aapki rachna bahut -bahut hi achhi lagi.

चौखट के दीपक से करना इतनी अरज हमारी
रौशन रखना हर देहरी को घड़ी उमर भर सारी
खुशियों की बारात सजे और छूटें खूब पटाखे
हर सूने मन के आंगन में आओ दिया जला दें.
behatreen prastuti----
poonam

usha rai said...

रौशन रखना हर देहरी को घड़ी उमर भर सारी !!
क्या बात है मीनू जी ! यह तो प्रार्थना है और ऐसा होना ही चाहिए ! आपका मन का आंगन सदैव रौशन रहे !

शरद मिश्र said...

शुभ दीपावली .इस दीवाली पर ब्लॉग भी पेंट हो गया.नमस्ते

Meenu Khare said...

@शरद मिश्र

धन्यवाद शरद -:)

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

हार्दिक शुभकामनाऍं।

---------
मिलिए तंत्र मंत्र वाले गुरूजी से।
भेदभाव करते हैं वे ही जिनकी पूजा कम है।

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