Thursday, July 29, 2010

मॉनसून






कल तक नम थीं सिर्फ आँखें
आज दिल भी नम है.
कोई मॉनसून आ पहुंचा है मुझ तक
शायद तुम से टकराने के बाद ....

19 comments:

DR. PAWAN K MISHRA said...

अबकी सावन बरसे ना बरसे
लेकिन बारिश लम्बी होगी
मेरी आँखों के बादल से
तुम भी कही भीगती होगी

शिवम् मिश्रा said...

क्या कहने ..... दीदी.........बहुत खूब !!

मनोज कुमार said...

चार पंक्तियों की यह कविता बरसात के द्वारा फैलाई गई नमी मत्र नहीं है बल्कि कंक्रीट युग के बरक्स पूरी एक संस्कृति इस कविता में दृश्यमान हो उठी है।

सुशीला पुरी said...

हमी ने बनाए बादल ,और लगाई गुहार ,ऐसी भी क्या बेकरारी ? जरा सी प्यास ही तो है !!!

mukti said...

वाह ! बहुत सुन्दर पंक्तियाँ हैं..."कोई मानसून आ पहुँचा है अब तक, शायद तुम से टकराने के बाद..."

गिरिजेश राव said...

नमी की क्यों, झकाझूम बारिश की बात कीजिए।

Jyoti Verma said...

nice!

Udan Tashtari said...

बहुत सही!

शिवम् मिश्रा said...

एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं!

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सचमुच गागर में सागर भर दिया है आपने।
बधाई।
…………..
प्रेतों के बीच घिरी अकेली लड़की।
साइंस ब्लॉगिंग पर 5 दिवसीय कार्यशाला।

Rajendra Swarnkar said...

मीनू खरे जी
नमस्कार !
विविध रस रंग से सुसज्जित आपका ब्लॉग बहुत पसंद आया ।
… और कविता ?
कल तक नम थीं सिर्फ आंखें
आज दिल भी नम है.
कोई मॉनसून आ पहुंचा है
शायद तुम से टकराने के बाद …

मीनूजी ,
इस छोटी सी रचना में कितने भाव भर कर भावविभोर कर दिया आपने !
हार्दिक बधाई स्वीकार करें , कृपया !

शस्वरं पर भी आपका हार्दिक स्वागत है , अवश्य आइएगा …

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं

महामंत्री - तस्लीम said...


‘तस्लीम’ के आँदोलन में सहभागिता के लिए आभार।

JHAROKHA said...

meenu ji bahut khoob .is choti si kavita me man ki puri baat kah dali.
poonam

विजयप्रकाश said...

वाह...आपने तो विरह की पीड़ा जैसे शब्दों में उकेर दी है.

Parul said...

कल तक नम थीं सिर्फ आँखें
आज दिल भी नम है.
कोई मॉनसून आ पहुंचा है मुझ तक
शायद तुम से टकराने के बाद ....
meenu ji..jawab nahi aapka..its amazing..:)

usha rai said...

कितने कितने अर्थों में मानसून !
बहुत सुंदर !

amrendra "aks" said...

Bahut sunder

pradeep srivastava said...

bahut sundar

Sonal said...

bahut hi khoobsuat lines likhi hai aapne..

Meri Nayi Kavita par aapke Comments ka intzar rahega.....

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