Wednesday, July 22, 2009

नाभिकीय ऊर्जा

नाभिकीय ऊर्जा



सुना है

नाभिकीय ऊर्जा की तकनीक से

सिर्फ एक चम्मच यूरेनियम से

चल सकेगी इक कार

सारी उम्र.



सच सच बताना

जो दर्द तुमने

मुझको दिया है,

उसे मुझे देने से पहले

क्या नाभिकीय ऊर्जा में बदल लिया था ?

7 comments:

Sushila Puri said...

क्या बात है !!!!!!! मीनू जी ! थोड़े में आपने बहुत कुछ कह दिया .

Saiyed Faiz Hasnain said...

Kya Is Dard Ki Koi Dawa Hai.....

Mukul said...

पराकाष्ठा का एहसास वाकई लाजवाब

Jeevan Jyoti said...

Hi Meenu ! Nice to visit ur new blog and read ur beautiful poems !

Parul said...

waah! bahut acchhey/khuub

महफूज़ अली said...

dard ka comparison naabhikiya urja se bahut shaandaar kiya hai.............

ek ati sunder rachna

badhai..............

आवेश said...

आज मीनू खरे के शब्द बहुत दिनों बाद पढ़े ,अब समझा आपकी चुप्पी का मतलब ,अगर आप चुप हैं तो मतलब कविता बोल रही है |दर्द की ये व्याख्या और उसके चरम की ये अनुभूति विलक्षण है ,आपको बधाई नहीं दूंगा ,धन्यवाद कहना चाहूँगा ,कविता पढ़कर मेरी संवेदनाएं भी परिष्कृत हुईं |

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