Monday, April 04, 2011

ॐ जयंती मंगला काली




ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी


दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु‍ते।

7 comments:

Manpreet Kaur said...

बहुत ही अच्छा पोस्ट है जी आपका मज्जा आ गिया ! हवे अ गुड डे !
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प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो, माँ दुर्गा की।

सदा said...

जय माता दी ...नवरात्रि की शुभकामनाएं ..।

चैतन्य शर्मा said...

आपको भी नव संवत्सर ...नवरात्रि ... की बहुत बहुत मंगलकामनाएं जय माता दी

दिगम्बर नासवा said...

जय माता दी ...नवरात्रि की शुभकामनाएं ..
कमाल के चित्र है सभी ...

वैज्ञानिक प्रार्थना said...

"हम में अधिकतर लोग तब प्रार्थना करते हैं, जबकि हम किसी भयानक मुसीबत या समस्या में फंस जाते हैं| या जब हम या हमारा कोई किसी भयंकर बीमारी या मुसीबत या दुर्घटना से जूझ रहा होता है तो हमारे अन्तर्मन से स्वत: ही प्रार्थना निकलती हैं| क्या इसका मतलब यह है कि हमें प्रार्थना करने के लिये किसी मुसीबत या अनहोनी के घटित होने का इन्तजार करना चाहिए!"

"स्वस्थ, समृद्ध, सफल, शान्त और आनन्दमय जीवन हर किसी का नैसर्गिक (प्राकृतिक) एवं जन्मजात अधिकार है| आप इससे क्यों वंचित हैं?"

एक सही ‘‘वैज्ञानिक प्रार्थना’’ का चयन और उसका अनुसरण आपके सम्पूर्ण जीवन को बदलने में सक्षम है| जरूरत है तो बस इतनी सी कि आप एक सही और पहला कदम, सही दिशा में बढाने का साहस करें|

"सफल और परिणाम दायी अर्थात ‘‘वैज्ञानिक प्रार्थना’’ का नाम ही- "कारगर प्रार्थना" है! जिसका किसी धर्म या सम्प्रदाय से कोई सम्बन्ध नहीं है| यह प्रार्थना तो जीवन की भलाई और जीवन के उत्थान के लिये है| किसी भी धर्म में इसकी मनाही नहीं है|"

BrijmohanShrivastava said...

बहुत दिन बाद हाजिर हो पाया। श्लोक नोट कर लिया है बहुत धन्यवाद

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