Monday, November 09, 2009

एक पोस्टर जिसने आँख में आँसू ला दिए



आज गिरिजेश जी का ब्लॉग देखा.यहाँ क्षमा कीजिएगा नामक पोस्ट पर एक लिंक दिया गया था Roots In Kashmir.अँग्रेजी की इस पोस्ट ने मन विचलित कर दिया. छद्म धर्मनिरपेक्षता के प्रति नफ़रत और गाढ़ी हो गई. लगा कैसे देश में रहते हैं हम जहाँ आतँकवादियों को गले लगाया जाता है, शाबाशियाँ दी जाती है और देशभक्तों को दुत्कारा जाता है...सिर्फ़ वोटों की लालच में!!! इस पोस्ट को आप भी यदि पढ़ेंगे तो निश्चित रूप से मन विचलित हो जाएगा. कश्मीरी पण्डितों की आवाज़ को मुखर करता यह पोस्टर हमें कुछ सोचने पर मजबूर करता है और आत्मावलोकन की आवश्यकता पर ज़ोर भी डालता है.

22 comments:

M VERMA said...

वाकई क्षुद्र स्वार्थ की राजनीति ने आँखो मे खून के आँसू ला दिया है

ओम आर्य said...

न जाने आंसू का दर्द से कैसा रिश्ता है!!!!!!

श्यामल सुमन said...

हालात तो रोज बद से बदतर होते जा रहे हैं मीनू जी, फिर आँखें नम क्यों न हो।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

इष्ट देव सांकृत्यायन said...

उन्होंने (आतंकवादियों) और इन्होंने (राजनेताओं) ऐसा इसीलिए किया क्योंकि ये (कश्मीरी अवाम) चुप रहे. अब ये बोलने लगे हैं. थोड़े दिन की बात है, फिर सब चुप हो जाएंगे. ज़रा इन्हें (अवाम को) एकजुट होने दीजिए. कोशिश करिए कि पूरे देश की जनता एकजुट हो और यह एकजुटता निष्क्रिय न हो.

महफूज़ अली said...

sochne ko majboor..... karta hai yeh lekh....di.....

Mithilesh dubey said...

बिल्कुल सही कहा आपने। हमारे यहाँ उल्टे का रिवाज है।

MANOJ KUMAR said...

कश्मीरी पण्डितों के सरोकारो के संघर्ष को नए अर्थों में बयान करने की कोशिश करता यह पोस्टर एक नई आवाज तथा पहचान देता है।

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी said...

आज के समय में जो मार्केट का नहीं है ,
जो वोट के काम का नहीं है , जिससे पैसा
नहीं ऐंठा जा सकता ; उसके प्रति सरकार
और पूरा तंत्र ध्यान नहीं देता | मुद्दा चाहे
जितना संजीदा हो ...चाहे '' कश्मीरी पण्डितों
के सरोकारो ''का ही मुद्दा क्यों न हो ....
आभार ...

अजय कुमार झा said...

इस पोस्टर के अंदर छुपा सच में ही यदि सबके सामने आ जाए....तो यकीन मानिये..हम में से ही कुछ लोग ..संसद के अंदर घुस कर ...भून देंगे ..हमारे इन नेताओं को ..

Arvind Mishra said...

जी मीनू जी वाकई -बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है !

Udan Tashtari said...

अफसोसजनक हालात!!

शिवम् मिश्रा said...

मीनू दीदी प्रणाम,
कुछ गुप्त सूत्रो से पता लगा है कि २६/११/२००९ को सरकार जेल में कैद अजमल कसाब को "लाइफ टाइम अचिएवेमेंट अवार्ड" देने की सोच रही है बस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है .....क्यों ना हम सब सरकार की थोडी हौसला अफजाई करे !!!
आपका क्या ख्याल है ??
आपकी और मेरी औकात गज़र और मुली की है जिन को तो एक ना एक दिन काटना ही है..........अगर कोई अहेमियत रखता है तो यह राजनेता और उनके सरकारी दामाद, जेलों में कैद, यह देश द्रोही !!

हिमांशु । Himanshu said...

सब कुछ राजनीति का काला चेहरा दिखाता है । गिरिजेश जी के लिंक से पहुँचा था वहाँ ।

पी.सी.गोदियाल said...

मीनू जी, इस पैनी दृष्टि के लिए आपको बधाई !
मैंने भी देखा था, ब्लॉग के ताजा लेख के सबसे ऊपर, मगर आपकी तरह उसपर ध्यान नहीं दिया !

mark rai said...

ji aisa hi ho raha hai ..hame inke kadamon ko rokna hoga.........

दिगम्बर नासवा said...

AAJ KI GANDI RAAJNITI से AUR KUCH EXPECT BHI NAHI KIYA JAA SAKTA ....... SHARM KI BAAT है ... APNE HI LOGON के AANSOO AUR KHOON KI कोई KEEMAT NAHI ........

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सचमुच मार्मिक।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Dr. Mahesh Sinha said...

चिदंबरम का अपने दिए बयानों से एकदम पलट जाना यही सिद्ध करता है . यह व्यथा सारे देश की है . संगठित अपराधी सम्मानित और असगठित सजा का हकदार

नवीन त्यागी said...

meenu g aaj desh me manvadhikar aayog keval musalmaano va isaai samuday ke liye aaraxit hai or mahila aayog rakhi sawant jaise ........ke liye .
jammu me rajneesh sharma ko keval sreenagar ki pulish ne jeil me is liye maar diya ki usne musalmaan ladki se shaadi kar li thi. ab uski patni aanchal (jo pahle amina thi)vah khulkar kah rahi ki uske pati ko pulis ne mara hai or sath me vah apne baap va bhaaiyon par bhi iljaam laga rahi hai.
mai poochhta hoon ki ab manavaadhikar aayog kahan mar gaya,
or mahila aayog kiske bedroom me jhaankne ki taiyaari kar raha hai.

Radio jockey said...

Naveen tyagi jii nay jammu kay yuwak ki hathya pay afsoos jataya jo jayaz hai.magar aunka yeh kehna kay Manavadhikar ayoog sirf musalmanoo kay liye reserve hai to shayad unkoo apna gyan badanay ke zaroorat hai kay bharat jaise desh may sabsay zyada adhikaroo ka hanan musalmanoo ka hee hota hai.bhartye jail may abhi taak lagh bhag 12000 yuwak kisee bhi ilzaam kay bagair qaid hein naveen tyagi je kay dil may unkay liye bhi tees uthni cahiye gujraat kay jaghanye hatya kaandoon key prati bhii unkoo chinttit hoona cahiye.
umeed hai unkay under ka ek zimmaydar inssan jagey ga aur woh sirf zulm ke mukhalfat karein gey nake muslmanoo ke adhikaroon ke Dhanya waad..

mahashakti said...

बहुत दर्द होता है ऐसे भयावह दृश्‍य देखकर,और मन में आता है कि कब तक ऐसे कृत्‍यो का मौन सर्मथन होता रहेगा। आपका ब्‍लाग मुझे बहुत अच्‍छा लगा, मैने अपने ब्‍लाग पर इसे राष्‍ट्रवादी स्‍वर शीर्षक से साईडबार में लगा दिया है, आशा है आपको अपत्ति नही होगी।

Nirmla Kapila said...

खेद जनक हाल, निशब्द् शुभकामनायें

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