अपने बिल्कुल खाली पर्स में उगे
पैसों के
इक पेड़ की छाँव में,
चॉकलेट का एक पौधा लगाना चाहती हूँ मैं
अपने बच्चे के लिए.
जिसकी पत्तियाँ टॉफ़ी की हों
और
जिस पर बिस्किट के फल उगें..
जिसकी छाल बेशक़ीमती कपड़ों की हो
तो फूल हों
सुन्दर खिलौनों से..
और फूलों की महक हो
बेहतरीन लज़ीज़ व्यंजनों की महक से मिलती
और जिसके बीज
एक ऐसा नया पेड़
उगा सकने में सक्षम हों
कि
उसकी जड़ पीस कर
अपने बच्चे को यदि पिलाऊँ मै
तो मेरा बच्चा
फिर कभी ज़िद्द न करे मुझसे
चॉकलेट,टॉफ़ी, बिस्किट, खिलौने और नए कपड़े
खरीद कर देने की.