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Tuesday, September 22, 2009

गिफ़्ट पैक

औरतों में प्रतिभा नही होती
पर होती हैं उनके पास बिन्दी, चूड़ियाँ, काजल..


औरतों मेहनत भी नही कर पातीं
पर उन्हे आता है चहकना, खिलखिलाना, मुस्कुराना...


औरतों के लिए आगे बढ़ना मुश्किल नही होता

बड़ी आसानी से
वे बढ़ जाती हैं आगे

अगले को
अपनी मुस्कान का "गिफ़्ट-पैक"
पकड़ा कर ...


वे पा लेती हैं ऊँचाइयाँ
बस खिलखिला कर ..


कर देती हैं द्रवित
मोती जैसे आँसुओं से.


पा जाती हैं औरतें, बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ, बड़ी आसानी से.


शो-बिज़नेस का ज़माना है
और
औरतें होती हैं
शो-पीस की मानिन्द ...


कोई ज़रूरत ही कहाँ है इन्हे
परिश्रम की ?
कोई ज़रूरत ही कहाँ है इन्हे
प्रतिभा की?


इन्हे तो आगे बढ़्ना ही बढ़्ना है
यह नहीं बढ़ेंगी तो और कौन बढ़ेगा आगे?


इन्दिरा, लता, महादेवी, किरन बेदी
सभी प्रतिभाहीन
एक तरफ़ से.

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